नीति घाटी
जानकारी
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित, "नीति" भारत-चीन सीमा के पास स्थित भारत का प्रथम गांव है। धौलीगंगा के निकट स्थित यह सुदूरवर्ती गांव अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पहचाना जाता है। दूर तक फैले पहाड़ और उसके मध्य में स्थित घाटी के चलते इस गांव को "नीति घाटी" के नाम से भी पहचाना जाता है। शहर की भागदौड़ से दूर इस स्थान पर आने वाले पर्यटक यहाँ की अनछुई खूबसूरती और ग्राम पर्यटन के लिए आते है। दिल्ली से नीति घाटी करीब 575 किमी की दूरी पर स्थित है, जहाँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। आसमान को छूते नीति घाटी के पहाड़ और इसकी चोंटी पर फ़ैली बर्फ की सफ़ेद चादर एक मनमोहक नज़ारा प्रस्तुत करती है। अपनी खूबसूरती के साथ-साथ नीति घाटी - उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ कहे जाने वाले टिम्मरसैंण महादेव गुफा के लिए भी पहचाना जाता है। इस गुफा में बर्फ से बने प्राकृतिक शिवलिंग यहाँ आये श्रद्धालु और पर्यटकों के मध्य आकर्षण का केंद्र रहता है जिसे देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक प्रत्येक वर्ष यहाँ आते है।
नीति घाटी
ऋषिकेश से 332 किमी दूर स्थित नीति घाटी में मुख्यतः भोटिया जाती के लोग रहते है, जिन्हे अक्सर मार्छा भी कहा जाता है। नीति घाटी अपनी पारम्परिक वेशभूषा, अपने खान पान, और पारम्परिक नृत्य के लिए जाने जाते है। नीति घाटी का तापमान साल भर ठंडा रहता है जो की शीतकाल में -20 डिग्री तक भी चला जाता है। शीतकाल के दौरान यहाँ पड़ने वाली भारी बर्फ़बारी के चलते स्थानीय लोगो के लिए जीवन यापन मुश्किल हो जाता है, जिसके चलते गांव के सभी लोग नीचले इलाको में जाकर रहते है। इन सबके विपरीत नीति घाटी एडवेंचर और प्रकृति प्रेमी को अक्सर अपनी ओर आकर्षित करती है, जिसके चलते यहाँ काफी पर्यटक देखने को मिल जाते है।
दूर तक फ़ैली सुंदरता
नीति घाटी की खूबसूरती केवल नीति तक ही नहीं बल्कि इसके पास स्थित बाम्पा गांव तक फ़ैली हुई है। यहाँ के मलारी और घमसाली गांव की कौतुहल कर देने वाली सुंदरता तो देखते ही बनती है, जो अक्सर पर्यटकों को इस स्थान पर रुकने के लिए मजबूर कर देती है। यहाँ का घमसाली गांव अपने दूर तक फैले बुग्याल के लिए काफी प्रसिद्ध है, जो आपको एक समय के लिए कश्मीर घाटी की याद दिला देगा। यहाँ के बुग्याल मे ट्रेक के लिए भी काफी मात्रा में पर्यटक यहाँ आते है।
नीति घाटी ट्रेवल गाइड
समुद्र तल से 12,000 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित नीति घाटी का रूट मैप प्रमुख स्थानों से होकर जाता है। यह यात्रा प्रमुख रूप से ऋषिकेश से प्रारम्भ होती है, जो दिल्ली से 246 किमी की दूरी पर स्थित है। यहाँ आप विभिन्न स्थानों से सड़क मार्ग या रेल के द्वारा पहुँच सकते है।

इसके मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख मार्ग में सबसे पहले आपको देवप्रयाग स्थित अलकनंदा और भागीरथी नदी का पवित्र संगम देखने को मिलता है, जहाँ से गंगा का निर्माण होता है। इसकी खूबसूरती को निहारने के बाद आगे आप दर्शन कर सकेंगे प्रसिद्ध धारी देवी माँ के जिन्हे उत्तराखंड के चार धामों की रक्षक भी कहा जाता है।

कर्णप्रयाग के संगम मार्ग तक आपको उत्तराखंड के पंच प्रयागो में से तीन प्रयाग के दर्शन करने को मिल जाएंगे जो आपकी इस यात्रा का अद्भुत बनाता है। कर्णप्रयाग से नीति घाटी की दूरी करीब 163 किमी की है। अन्य शहरो से आने वाले यात्री ऊंचाई वाले क्षेत्र के अनुसार ढलने के लिए जोशीमठ में रात्रि विश्राम कर सकते है, जिसके लिए आपको यहाँ विभिन्न प्रकार की सुविधा मिल जाती है। यहाँ आप चाहे तो बद्रीनाथ की शीतकालीन गद्दी नरसिंह मंदिर में जाकर भी दर्शन और उनका आशीर्वाद ले सकते है।

जोशीमठ से नीति वैली करीब 84 किमी की दूरी पर है जो इसे यात्रा का एहम पड़ाव बनाता है। जोशीमठ से आगे आपको रहने और खाने की सुविधा सीमित मात्रा में मिलती है। इसके अतिरिक्त अपने वाहन से यात्रा करने वालो के लिए जोशीमठ से नीति घाटी तक की यात्रा और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है क्यूंकि इस मार्ग में आपको एक भी पेट्रोल स्टेशन की सुविधा नहीं मिलती है।
जोशीमठ से आगे बढ़ते हुए आपको इस मार्ग में एक और प्रसिद्ध स्थान तपोवन देखने को मिलता है, जहाँ आपको ग्राम पानी का कुंड देखने को मिलता है। यह कुंड प्रकृति के किसी चमत्कार से कम नहीं है की बाहरी ठन्डे वातावरण के बावजूद यहाँ से गर्म पानी निरंतर पूरे वर्ष बहता रहता है। तपोवन से आगे मार्ग में प्रकृति के नज़ारे और भी बेहतर होते जाते है जो आपको इन्हे अपने कैमरों में कैद करने को मजबूर कर देगा।
इन नजारो को निहारते हुए आपको देखने को मिलेगा एक ऐसा स्थान, जो की द्रोणागिरी पर्वत व्यू पॉइंट से प्रसिद्ध है। रामायण के अनुसार इसी पर्वत का एक भाग हनुमान जी ने मूर्छित लक्ष्मण का जीवन बचाने के लिए उठाया था क्यूंकि इस पर्वत पर विशेष प्रकार की जड़ी बूटियाँ पाई जाती थी।
मार्ग में आगे बढ़ते हुए मलारी गांव से पहले आपका सामना आर्मी की सुरक्षा चौकी से होगा। चूँकि नीति घाटी अंतराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है तो यहाँ से आगे जाने वाले सभी वाहनों को यहाँ सुरक्षा जाँच से होकर जाना जाता है। यहाँ पर उपस्थित सुरक्षा कर्मियों द्वारा आपके पहचान पत्र लिए जाते है, जो आपको वापसी के दौरान लौटा दिए जाते है।
मलारी से नीति घाटी की और बढ़ते हुए दृश्य की सुंदरता और भी अद्भुत होते रहते है। घमसाली से पहले पड़ने वाला गांव "बाम्पा" अक्सर पर्यटकों को अपनी खूबसूरती से मोहित कर देता है। लेकिन इस खूबसूरती के आगे घमसाली का जन्नत आपका इंतजार कर रहा होता है। इस गांव की खूबसूरती को अच्छे से निहारने के लिए मानो एक दिन भी कम हो। यहाँ आप रात्रि विश्राम करके अपनी आगे की यात्रा अगले दिन से शुरू कर सकते है।
घमसाली से सुबह का नजारा एक अद्भुत छटा बिखेरती जो आपको मंत्रमुग्ध कर देती है। ऐसी खूबसूरती को आप केवल स्वयं की आँखों से एन्जॉय कर सकते है न की किसी टीवी स्क्रीन पर।
आगे बढ़ते हुए आपको एक मार्ग यहाँ के प्रसिद्ध टिम्मरसैंण महादेव मंदिर को जाता हुआ दिखाई देता है। यदि आप इस यात्रा को मार्च से मई के दौरान कर रहे है तो इस मंदिर में अवश्य से जाएं। इस दौरान आपको यहाँ बर्फ से निर्मित प्राकृतिक शिवलिंग देखने को मिलता है जो हूबहू अमरनाथ के शिवलिंग की याद दिलाता है, जिसके चलते इस मंदिर को उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ भी कहा जाता है। इस मार्ग से नीति घाटी केवल कुछ ही मीटर की दूरी पर है, जहाँ आप इस नीति घाटी के सुन्दर नज़ारो को अनुभव कर सकते है। नीति घाटी में होमस्टे से लेकर खाने पीने की सुविधा आपको सीमित संख्या में मिलती है।
निवास की सुविधा
नीति घाटी में रात्रि विश्राम के लिए होमस्टे की सुविधा मिल जाती है जो यहाँ के स्थानीय ग्रामीण वासियो द्वारा चलाए जाते है। यहाँ के होमस्टे में अन्य स्थान की तरह उम्दा सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। नीति घाटी होमस्टे यहाँ आए पर्यटकों को केवल मुलभुत सुविधा ही उपलब्ध करवाते है। यह होमस्टे आपको गूगल पर नहीं मिलेंगे इसलिए इन्हे आपको स्वयं वहां जाकर ही बुक करना होगा। मार्ग में जाते समय यदि पर्यटकों को वातावरण के अनुसार अपने आप को ढालना है तो वह जोशीमठ या तपोवन में निवास की सुविधा देख सकते है, जहव उपलब्ध कुछ प्रमुख होटल और होमस्टे इस प्रकार से है: -
- किष्किंधा।
- नंदा देवी होमस्टे।
- तथास्तु मैत्री स्की रिसोर्ट।
- दी स्लीपिंग ब्यूटी।
- ड्रीम माउंटेन रिसोर्ट।
- रमणीक होमस्टे तपोवन।
- जीएमवीएन तपोवन।
खाने की व्यवस्था
नीति घाटी के पूरे मार्ग में आपको खाने के लिए किए विभिन्न प्रकार के रेस्टोरेंट और ढाबे मिल जाते है। इनमे आप समान्य व्यंजन के साथ गढ़वाल के स्थानीय व्यंजन का भी लुत्फ़ उठा सकते है। नीति घाटी में भी आपको खाने और पीने की कुछ दुकाने मिल जाती है, जहाँ रूककर आप इसका आनंद ले सकते है।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- नीति घाटी तक सीधी परिवहन सेवा उपलब्ध न होने के चलते आप यहाँ टैक्सी सेवा लेकर आ सकते है।
- टैक्सी की सेवा आप जोशीमठ से या अपने स्थानी क्षेत्र से बुक कर सकते है।
- जोशीमठ तक आपको बस और टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
- मानसून और शीतकाल के दौरान यात्रा करने से बचें।
- वातावरण के अनुकूल अपने शरीर को ढालने के लिए जोशीमठ या तपोवन में रुक सकते है।
- खराब नेटवर्क के चलते डिजिटल पेमेंट में परेशानी आ सकती है इसलिए अपने साथ कुछ कैश जरूर से रखें।
- यहाँ का तापमान वर्ष भर ठंडा रहता है इसलिए अपने साथ गर्म कपडे लेकर चलें।
- जोशीमठ से आगे पेट्रोल स्टेशन न होने के चलते अपनी गाडी का टैंक जोशीमठ में ही फूल करवा लें।
- अपने साथ फोटो पहचान पत्र अवश्य लेकर चलें जिसे आर्मी चेक पोस्ट पर देखा जाता है।
- घाटी में उपलब्ध होमस्टे आपको सादा भोजन ही उपलब्ध करवाते है।
नजदीकी आकर्षण
नीति घाटी के साथ आप यहाँ के प्रमुख स्थानों पर भ्रमण के लिए जा सकते है; जैसे: -
- टिम्मरसैंण महादेव गुफा।
- घमसाली बुग्याल।
- तपोवन।
- भविष्य बद्रि मंदिर।
- औली।
- नरसिंह मंदिर।
यहां कैसे पहुंचे
ऋषिकेश से नीति वैली 332 किमी की दूरी पर है, जो की इसके निकटतम स्थित प्रमुख शहरो में से एक है। ऋषिकेश से नीति घाटी सड़क मार्ग से अच्छे से जुडी हुई है, जहाँ आप टैक्सी या स्वयं के वाहन से आ सकते है। ऋषिकेश से चलने वाली राजकीय परिवहन की बस सेवा का लाभ केवल तपोवन तक उपलब्ध रहता है, जिसके आगे की यात्रा थोड़ी कठिन हो जाती है। यहाँ से आगे आपको टैक्सी की सहायता से ही यात्रा पूर्ण करनी होती है।
ऋषिकेश अपने निकटतम शहरो से सड़क, रेल, और हवाई यातायात से जुड़ा हुआ है। हालाँकि यह शहर सीधे तौर पर हवाई सेवा उपलब्ध नहीं करवाता लेकिन इसके नजदीकी हवाई अड्डा यहाँ से 16 किमी दूर देहरादून में स्थित है।
सड़क मार्ग से: - ऋषिकेश से उत्तराखंड परिवहन की बस सेवा रोजाना प्रातः काल जोशीमठ और तपोवन के लिए चलती है, यह दोनों ही स्थान नीति घाटी के मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख स्थान है। तपोवन जाने वाली बस देहरादून पर्वतीय बस अड्डे से प्रस्थान करती है जो की ऋषिकेश बस अड्डे से होते हुए जाती है। जोशीमठ और तपोवन से नीति घाटी तक का सफर आप टैक्सी के द्वारा पूरा का सकते है।
रेल मार्ग से: - नीति घाटी के निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश का योग नगरी रेलवे स्टेशन और हरिद्वार रेलवे स्टेशन है, जो की क्रमशः 333 किमी और 354 किमी की दूरी पर स्थित है। अगर अन्य रेल मार्गो से कनेक्टिविटी की बात करे तो हरिद्वार रेलवे स्टेशन दोनों में से बेहतर। दिल्ली से दोनों ही स्टेशन के लिए रोजाना ट्रैन सेवा उपलब्ध रहती है। स्टेशन से नीति घाटी का सफर आप आसानी से यहाँ मिलने वाली बस और टैक्सी से कर सकते है।
हवाई मार्ग से: - नीति घाटी के निकटतम हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है जो करीब 348 किमी की दूरी पर स्थित है। एयरपोर्ट से 16 किमी दूर स्थित ऋषिकेश से आप अपनी नीति घाटी का सफर शुरू कर सकते है। इसके लिए आपको एयरपोर्ट से ऋषिकेश के लिए टैक्सी सेवा आसानी से मिल जाएगी।
यात्रा के लिए सबसे अच्छा मौसम
नीति घाटी जाने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से मई और सितम्बर से नवंबर का माना जाता है। इस दौरान यहाँ के सुन्दर मनमोहक दृश्य पर्यटकों का दिल जीत लेते है। शीतकाल के दौरान पड़ने अत्यधिक बर्फ के चलते घाटी तक का सफर अत्यधिक कठिन हो जाता है। इस दौरान आपको यहाँ रहने और खाने की सुविधा भी नहीं मिलती है।
समुद्र तल से ऊँचाई
समुद्र तल से नीति घाटी करीब 3,600 मीटर (11,800 फ़ीट) की ऊंचाई पर स्थित है।