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भारत माता मंदिर हरिद्वार

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जानकारी

भारत माता मंदिर हरिद्वार के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जो शहर के बस स्टैंड से मात्र 10 किमी दूर हरिद्वार-ऋषिकेश रोड पर स्थित है। 8 मंजिल ऊँचा यह मंदिर बेहद ही भव्य है जो सप्त ऋषि आश्रम के निकट स्थित है। इस मंदिर का प्रत्येक फ्लोर एक ख़ास महत्व को दर्शाता है, जो यहाँ आए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देता है। ऋषिकेश के तेराह मंजिल मंदिर के समान भारत माता मंदिर हरिद्वार की पहचान है। विशेष शैली में निर्मित मंदिर की आकृति बेहद ही आकर्षित करने वाली है, जिसके चलते हरिद्वार की धार्मिक यात्रा पर आए श्रद्धालु यहाँ जरूर से आते है।

भारत माता मंदिर हरिद्वार

हरिद्वार स्थित भारत माता मंदिर का निर्माण वर्ष 1983 में संत स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी द्वारा किया गया था। इस मंदिर का उद्घाटन भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी जी द्वारा किया गया था। दिल्ली से भारत माता मंदिर की दूरी करीब 228 किमी की है, जिसके लिए आप सड़क और रेल मार्ग का उपयोग कर सकते है। पवित्र माँ गंगा नदी के किनारे स्थित यह मंदिर अपनी भव्यता के साथ-साथ शांत वातावरण के लिए भी पहचाना जाता है।
 

180 फ़ीट ऊँचे इस मंदिर के अंतिम तल से हरिद्वार शहर और स्थानीय क्षेत्रों का बेहद ही विहंगम नजारा देखने को मिलता है। इसका प्रत्येक फ्लोर अपनी एक विशेष पहचान के लिए जाना जाता है, जो इस अन्य मंदिरो से अलग बनाती है। मंदिर की मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं को यहाँ केवल भारतीय परिधान में ही प्रवेश करने की अनुमति दी जाती है।

भारत माता मंदिर

हिन्दुओ के पवित्र शहरो में से एक हरिद्वार अपने प्रसिद्ध घाटों के साथ, प्राचीन मंदिर और अपने पंच तीर्थ स्थल के लिए प्रमुख रूप से पहचाना जाता है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार अपने अन्य मंदिर, जैसे की दूधाधारी बर्फानी मंदिर और भारत माता मंदिर के लिए भी प्रख्यात है जो अपनी अनोखी संचरना और महत्व के लिए पहचाने जाते है। 
 

बात करे भारत माता मंदिर की तो यह हरिद्वार के प्रमुख स्थानों में से एक शांतिकुंज के निकट स्थित है। हर की पौड़ी से भारत माता मंदिर केवल 5 किमी की दूरी पर है। मंदिर में आपको माता और भगवान विष्णु के समस्त अवतारों के साथ भोलेनाथ के दर्शन करने को मिलते है। इनके बावजूद मंदिर को मुख्य रूप से भारत की आजादी में मुख्य योगदान देने वाले शूरवीरो और भारत की ऐतिहासिक विरासत के लिए पहचाना जाता है।

भारत माता मंदिर में लिफ्ट की सुविधा

आठ मंजिल वाले भारत माता मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिफ्ट की व्यवस्था भी दी गई है। इससे उन श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलती है जिन्हे सीढ़ी चढ़ने में तकलीफ का सामना करना पड़ता है। हालाँकि यह लिफ्ट मंदिर के केवल छठे माले तक की ही सुविधा प्रदान करती है मंदिर के अंतिम फ्लोर तक आपको सीढ़ी के द्वारा ही जाना होता है। लिफ्ट की सुविधा इस्तेमाल करने के लिए यहाँ आए श्रद्धालु के लिए टिकट आवश्यक है, जो प्रत्येक व्यक्ति 5 रूपए निर्धारित है। यह ध्यान देना आवश्यक है की मंदिर में उपलब्ध लिफ्ट का प्रयोग केवल ऊपर जाने के लिए ही किया जाता है, नीचे आपको सीढ़ियों की सहायता से ही आना होता है।

भारत माता मंदिर के आठ फ्लोर

भारत माता मंदिर में कुल आठ फ्लोर है, जिसका प्रत्येक फ्लोर अलग थीम पर आधारित है, जो न केवल पौराणिक इतिहास की महत्ता बताता है बल्कि आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को भी दर्शाता है। मंदिर के प्रत्येक मंजिल पर देखें तो आपको: -

  1. इसके पहला यानी ग्राउंड फ्लोर भारत माता को समर्पित है, जहाँ आपको भारत माता की एक बेहद ही खूबसूरत मूर्ति देखने को मिलती है।
  2. मंदिर के पहले फ्लोर की बात करें तो यह भारत के शूरवीरो को समर्पित है, जिसके चलते इसे शूर मंदिर कहा जाता है। यहाँ आपको देश की आजादी की लड़ाई में कुर्बानी देने वाले भारत के वीर सपूत भगत सिंह, लाला लाजपत राय, सुभाष चंद्र बोस और अन्य शूरवीरो की मूर्ति देखने को मिलती है। यह मुर्तिया आपको याद दिलाती है की ये आजादी हमें कितने बलिदान देने के बाद मिली है।
  3. भारत माता मंदिर का दूसरा फ्लोर समर्पित है मातृ शक्ति को जो हमें प्रेरणा देता है विषम परिस्थितयो में कैसे एक महिला अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती है। इस फ्लोर में आपको मीरा, सावित्री, और लक्ष्मी बाई के साथ अन्य की मूर्तियां देखने को मिलती है।
  4. मंदिर का तीसरा फ्लोर भारत के उन प्रमुख संतो को समर्पित है, जिन्होंने देश की आने वाली पीढ़ी को एक नै दिशा देने का काम किया। यहाँ आपको देश के कई संतो की मुर्तिया देखने को मिलती है, जिसके चलते इसे यहाँ का संत मंदिर कहा जाता है।
  5. भारत एक विविधताओं से भरा देश है जो आपको यहाँ के प्रत्येक क्षेत्र में देखने को मिलती है। इसी ऐतिहासिक विरासत को मंदिर का यह चौथा फ्लोर भारत के प्रत्येक राज्य की प्रमुखता को दीवारों पर सजी पैंटिंग के द्वारा दर्शाता है।
  6. मंदिर का पांचवा फ्लोर इसके महत्वपूर्ण तल में से है, जो आपको माता के विभिन्न स्वरुप के दर्शन करवाता है। इस फ्लोर पर अक्सर श्रद्धालु माता के अनेक रूप देखकर अभिभूत हो जाते है।
  7. माता के दिव्य दर्शन करने के बाद मंदिर के अगले यानी छठे फ्लोर की बात करे तो यहाँ आपको भगवान विष्णु के सभी अवतार देखने को मिलते है।
  8. भारत माता मंदिर का अंतिम यानी सातवां फ्लोर समर्पित है देवो के देव महादेव को। इस फ्लोर से न केवल आप भोलेनाथ के दर्शन कर सकते है बल्कि पूरे हरिद्वार क्षेत्र का बेहद ही विहंगम नजारा देखने को मिलता है।

मंदिर खुलने और बंद होने का समय

सभी श्रद्धालु भारत माता मंदिर जाने से पहले मंदिर खुलने और बंद होने का समय अवश्य से देख लें। इससे उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। भारत माता मंदिर खुलने का समय पूरे वर्ष एक समान रहता है लेकिन बंद होने का समय मौसम अनुसार बदल दिया जाता है।

सीजनखुलने का समयबंद होने का समय
1 अप्रैल से 30 सितम्बरसुबह 8 बजेशाम 8 बजे
1 अक्टूबर से 31 मार्चसुबह 8 बजेशाम 7 बजे

निवास की सुविधा

हरिद्वार में यात्रियों को ठहरने के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधा मिल जाती है, जिन्हे वह ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से बुक कर सकते है। हालाँकि भारत माता मंदिर के निकट रहने के ज्यादा विकल्प नहीं मिलते। अच्छे अनुभव के लिए श्रद्धालु हर की पौड़ी के निकट उपलब्ध होटल, होमस्टे, या धर्मशाला में अपना निवास बुक कर सकते है। मंदिर के निकट उपलब्ध कुछ प्रमुख होटल इस प्रकार से है: -

  • होटल विनोला इन।
  • होटल गंगा ड्रीम।
  • धर्म गंगा कॉटेज
  • शिव गंगा होम स्टे
  • होटल अरिहंत हरिद्वार
  • होटल हैप्पी स्टे।
  • होटल दिल्ली हार्ट।
  • होटल कपिल रॉयल इन्।
  • होटल शांति हेरिटेज बाई लॉरेंस।
  • होटल माहि गंगा हेरिटेज बाई अनंत।
  • होटल कीर्ति हेरिटेज।
  • होटल तीर्थम।

खाने की व्यवस्था

मंदिर की निकट खाने की सुविधा केवल सीमित मात्रा में उपलब्ध है, जहाँ आप विभिन्न प्रकार के व्यंजन का आनंद ले सकते है। लेकिन हरिद्वार के असली जायके का स्वाद आपको हर की पौड़ी या कनखल में भी मिलेगा, जहाँ आपको विभिन्न प्रकार के रेस्टोरेंट के साथ स्ट्रीट फ़ूड स्टाल भी मिल जाते है।

श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

  • मानसून और अधिक गर्मी के समय यात्रा करने से बचे।
  • हर की पौड़ी के निकट ठहरना उचित होगा यहाँ से मंदिर आप आसानी से जा सकते है।
  • सीढ़ी उतरने में असहज महसूस करने वाले यात्री मंदिर में आने से बचे।
  • अच्छे अनुभव के लिए सुबह और शाम के समय मंदिर जाए।
  • सप्तहांत और छुट्टियों के दौरान मंदिर में काफी भीड़ देखने को मिल सकती है।
  • मंदिर में भारतीय परिधान पहन कर ही प्रवेश करें।
  • मंदिर में अपने समान का ध्यान का रखे और जेबकतरो से सावधान रहें।
  • अपने जूते केवल स्टैंड में रखें उन्हें अनावश्यक इधर-उधर खोलने से बचे।
  • मंदिर में उपलब्ध लिफ्ट केवल ऊपर जाने के लिए ही प्रयोग में लाई सकती है।
  • ऊपर से नीचे आने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • एटीएम और रिक्शा की सुविधा मंदिर के बाहर मिल जाती है।

नजदीकी आकर्षण

हरिद्वार स्थित भारत माता मंदिर दर्शन करने आए श्रद्धालु यहाँ के अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर भी जा सकते है: -

यहां कैसे पहुंचे

सड़क मार्ग से: - हरिद्वार बस स्टैंड से भारत माता मंदिर करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित है। बस स्टैंड से श्रद्धालु ऑटो या रिक्शा के द्वारा मंदिर तक आसानी से पहुँच सकते है। मंदिर जाने के लिए सबसे पहले हरिद्वार पहुंचना जरूरी है, जहाँ आप बस या टैक्सी की सहायता से आसानी से आ सकते है।
 

रेल मार्ग से: - मंदिर के निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार में स्थित है, जो लगभग 8 किमी की दूरी पर स्थित है। दिल्ली से हरिद्वार जंक्शन के लिए रोजाना ट्रैन संचालित होती है जिनमे शताब्दी, जन शताब्दी, और वन्दे भारत ट्रैन प्रमुख है। स्टेशन से मंदिर के लिए आपको ऑटो और रिक्शा के सुविधा आसानी से मिल जाती है। 
 

हवाई मार्ग से: - मंदिर के निकटम एयरपोर्ट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून है, जो लगभग 33 किमी की दूरी पर है। एयरपोर्ट से मंदिर तक की यात्रा आप यहाँ उपलब्ध टैक्सी की सहायता से आसानी से कर सकते है।

यात्रा के लिए सबसे अच्छा मौसम

भारत माता मंदिर में आप वर्ष में कभी भी आ सकते है लेकिन सबसे उत्तम समय सितम्बर से मई का माना जाता है। मानसून और गर्मी के समय श्रद्धालुओं को यहाँ थोड़ी परेशानी हो सकती है, जिसके चलते यह समय यात्रा के लिए उपयोगी नहीं माना जाता है।

समुद्र तल से ऊँचाई

समुद्र तल से भारत माता मंदिर लगभग 314 मीटर लगभग 1,030 फेट की ऊंचाई पर स्थित है। 

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मौसम का पूर्वानुमान

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