नानकमत्ता गुरुद्वारा
जानकारी
चार धाम के अतिरिक्त उत्तराखंड अन्य धर्म के धार्मिक स्थलों के लिए भी पहचाना जाता है उन्ही में से एक नानकमत्ता गुरुद्वारा भी है। कुमाऊं मंडल के उधम सिंह नगर में स्थित नानकमत्ता गुरुद्वारा सिख धर्म प्रसिद्ध धमरिक स्थलों में से एक है। टनकपुर और रुद्रपुर के निकट स्थित यह गुरुद्वारा सिख अनुयाइयों का एक अटूट आस्था का चिन्ह भी है, जहाँ प्रत्येक वर्ष हजारो की संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने और अरदास लिए पधारते है। सिक्खो के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी से जुड़ा होने के चलते गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब की महत्वता और अधिक बढ़ जाती है।
गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब जी
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में स्थित नानकमत्ता गुरुद्वारा टनकपुर बस स्टैंड से मात्र एक घंटे की दूरी पर स्थित है। श्रद्धालु यहाँ स्वयं के वाहन से यह सार्वजानिक वाहन की सेवा लेकर आ सकते है। नानक सागर डैम के निकट स्थित गुरुद्वारा बेहद ही खूबसूरत नज़ारे प्रस्तुत करता। गुरूद्वारे की भव्यता और सुंदरता देखते ही बनती है जो हर किसी को अपना कायल बना देती है। ऐसी मान्यता है की गुरु नानक देव जी इस स्थान पर करीब 1515 ऐडी में अपनी कैलाश यात्रा के दौरान यहाँ ठहरे थे। हेमकुंड साहिब जी के बाद नानकमत्ता गुरुद्वारा उत्तराखंड में सिक्खो का दूसरे सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
सफ़ेद संगमरमर की खूबसूरती में नहाए नानकमत्ता गुरुद्वारा बेहद ही खूबसूरत दिखाई देता है। यहाँ के शांत वातावरण में गुरुबाणी की ध्वनि श्रद्धालुओं को संकीर्तन और अरदास में सहायक का काम करती है। अन्य गुरुद्वारों की भाँती श्रद्धालुओं के लिए यहाँ भी रोजाना निशुल्क लंगर सेवा का आयोजन किया जाता है, जिससे कोई भी व्यक्ति यहाँ से भूखा नहीं जाता है।
निशुल्क लंगर के अतिरिक्त गुरूद्वारे में श्रद्धालुओं के लिए रात्रि विश्राम की सुविधा भी निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। गुरूद्वारे के मुख्य भवन पर जब सुबह की पहली किरण पड़ती है तो इसकी खूबसूरती से पूरा आंगन जगमग हो उठता है। नानकमत्ता गुरूद्वारे के अतिरिक्त आपको यहाँ अन्य धार्मिक स्थल भी देखने को मिलते है जो गुरु नानक देव जी से जुड़े हुए बताए जाते है। इनमे से प्रमुख स्थलों की बात करे तो गुरुद्वारा श्री दूध वाला कुआँ और श्री बावली साहिब जी अधिक प्रसिद्ध है।
निवास की सुविधा
छोटा शहर और कम पर्यटन के चलते नानकमत्ता में रात्रि निवास हेतु सीमित मात्रा में होटल और गेस्ट हाउस उपलब्ध है। हालाँकि नानकमत्ता गुरुद्वारा आपको रात्रि रहने की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाता है यदि आप बहार किसी होटल में रुकना चाहते है तो उसके लिए इन विकल्पों को ध्यान में रख सकते है: -
- 7 स्काई होटल एंड रेस्टोरेंट।
- होटल सिटी सेंटर।
- रियात बैंक्वेट हॉल।
- नानकमत्ता गेस्ट हाउस।
यात्रियों के लिए मत्वपूर्ण सुझाव
- छोटा शहर होने के चलते यहाँ खाने की सुविधा सीमित मात्रा में उपलब्ध है।
- शहर में सीमित सार्वजानिक वाहन की उपलब्धता के चलते टैक्सी बुक करके जाए।
- गुरूद्वारे में निशुल्क लंगर के साथ रहने की सुविधा भी उपलब्ध है।
- अन्य धर्म के श्रद्धालु निर्देशित नियमो का पालन करे।
- शहर में आपको एटीएम और पेट्रोल स्टेशन की सुविधा मिल जाती है।
नजदीकी आकर्षण
नानकमत्ता गुरुद्वारा में मत्था टेकने के बाद श्रद्धालु यहाँ के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी जा सकते है: -
- नानक मत्ता डैम।
- गुरुद्वारा श्री दूध वाला कुआँ।
- बाओली साहिब जी।
- पीपल पेड़ -श्री बाबा अलमस्त जी साहिब गुरुद्वारा।
यहां कैसे पहुंचे
सड़क मार्ग से: - उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में स्थित नानकमत्ता गुरुद्वारा टनकपुर बस स्टैंड से 40 किमी की दूरी पर स्थित है। बस स्टैंड से गुरुद्वारा आप टैक्सी या बस की सहायता से पहुँच सकते है। उधम सिंह नगर विभिन्न स्थानों से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है जहाँ आप बस एवं टैक्सी की सहायता से पहुँच सकते है। देहरादून से उधम सिंह नगर 289 किमी की दूरी पर स्थित है, जहाँ आप देहरादून आईएसबीटी से बस के द्वारा आसानी से पहुँच सकते है।
रेल मार्ग से: - गुरुद्वारा के निकटतम रेलवे स्टेशन टनकपुर रेलवे स्टेशन है जो की 42 किमी की दूरी पर स्थित है। स्टेशन के लिए आपको दिल्ली के साथ हरिद्वार रेलवे स्टेशन से यहाँ के लिए ट्रैन सेवा उपलब्ध रहती है। स्टेशन से नानकमत्ता गुरुद्वारा की दूरी को आप टैक्सी या अन्य उपलब्ध साधन से पूरी कर सकते है।
हवाई मार्ग से: - इसके निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर एयरपोर्ट है जो की लगभग 58 किमी की दूरी पर स्थित है। दिल्ली से पंतनगर के लिए रोजाना सिमित संख्या में हवाई सेवा उपलब्ध रहती है।
यात्रा के लिए सबसे अच्छा मौसम
श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारा वर्ष भर खुला रहता है हालाँकि यहाँ जाने का सबसे उत्तम समय सितम्बर से अप्रैल माह का माना जाता है।
समुद्र तल से ऊँचाई
समुद्र तल से गुरुद्वारा की ऊंचाई लगभग 150 मीटर की है जो की करीब 492 फ़ीट की है।