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झंडा साहिब

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जानकारी

उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून से 5 किमी दूर स्थित सिक्खो का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल झंडा साहिब जी का इतिहास 350 साल पुराना है। इसकी स्थापना सिक्खो के 7 वे गुरु 'गुरु हर राय' के सबसे बड़े बेटे 'बाबा राम राय' जी ने 17 वी शताब्दी के मध्य की थी। यहाँ स्थित दरबार साहिब की खूबसूरती और उसकी संरचना काफी सुन्दर है, जो की काफी हद तक इस्लामिक हस्तशिल्प से प्रभावित है। सन 1675 में बाबा राम राय जी के देहरादून में आगमन के बाद से हर साल चैत्र माह की पंचमी तिथि को दरबार साहिब में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में देश विदेश से बाबा राम राय जी के अनुयायी एकत्रित होकर मेले का आयोजन करते है।

कहा जाता है की गुरु राम राय जी में बचपन से ही अलौकिक शक्तियाँ थी, जिससे उन्होंने अपने बचपन में ही काफी ज्ञान प्राप्त कर लिया था। उनकी इस शक्ति के कायल मुग़ल बादशाह औरंगजेब ने उन्हें हिन्दू पीर यानी 'महाराज' की उपाधि दी। बचपन से ही वैराग्य जीवन व्यतीत करने वाले राम राय जी ने कई स्थानों पर अपना डेरा डाला। ऐसा बताते है की अपने भ्रमण के दौरान जब महाराज जी देहरादून पहुंचे तो उनके घोड़े का पाँव जमीन में धंस गया तो उन्होंने यही पर अपना डेरा डाला। इस दौरान उन्होंने चारो दिशाओ में तीर चलाये और जहाँ तक तीर गए वहां तक उन्होंने अपनी संगतो को डेरा डालने का आदेश दिया।

ऐसा बताया जाता है की उनके यहाँ डेरा डालने के उपरान्त ही इस क्षेत्र को 'डेरादून' कहा जाने लगा जिसको बाद में बदलकर देहरादून कर दिया गया। महराज जी को पक्षियों विशेषकर बाज से काफी लगाव था, शायद यही एक वजह है की हर साल झंडे जी के आरोहण के समय बाज धवज के ऊपर गोल चक्क्कर लगाते हुए देखा जाता है।

यहाँ पर कैसे जाएँ

शहर के बीच में स्थित इस स्थान पर आप सड़क मार्ग से आ सकते है, जिसकी दूरी देहरादून बस स्टैंड से 5 किमी और रेलवे स्टेशन से मात्र एक किमी की है। बस स्टैंड से आपको विक्रम, ऑटो, बस, टाटा मैजिक की सेवा आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। वही रेलवे स्टेशन से आप यहाँ चल कर भी जा सकते है, हालाँकि ऑटो और इ-रिक्शा की सुविधा आराम से मिल जाएगी। इसके निकटतम हवाई अड्डा 29 किमी दूर जॉली ग्रांट में स्थित है, जहाँ से आप टैक्सी तथा बस की सहायता से आ सकते है।

यात्रा के लिए सबसे अच्छा मौसम

माहराज जी के दर्शन करने आप साल में कभी भी आ सकते है, हालाँकि मार्च माह के पंचमी को लगने वाले मेले के आयोजन में भाग लेना सबसे उचित समय माना जाता है। हालाँकि उस समय यहाँ उपस्थित हजारो की तादाद में श्रद्धालु से इस स्थान पर अत्यधिक भीड़ हो जाती है।

समुद्र तल से ऊँचाई

समुद्र तल से इस स्थान की ऊँचाई लगभग 636 मीटर (2100 फ़ीट) है।

Nearest Spot Based on Religious - Sikhism

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स्थान

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