पौड़ी गढ़वाल उत्तराखण्ड राज्य के 13 जिलों में से एक है, जिसकी दूरी देहरादून से 150 किमी की है। हसीन वादियों के बीच मनोरम दृश्य पेश करते इस स्थान पर आप सड़क मार्ग से बस तथा टैक्सी के माध्यम से आ सकते है। कुछ एक स्थानों को छोड़ दे तो मुख्यता पौड़ी का तापमान साल भर सामान्य रहता है, जो की इसे आदर्श स्थान बनाता है पर्यटकों के घूमने हेतु। हालाँकि सर्दियों में यहाँ का तापमान काफी ठंडा रहता है और ज्यादातर भागो में बर्फ़बारी भी देखी जाती है। पर्यटकों के लिए यहाँ घूमने हेतु कई स्थान है जो उन्हें प्राकृतिक स्वर्ग की अनुभूति करवाने में सक्षम है, जिनमे खिर्सू और दूधातोली प्रमुख है। साथ ही साथ यहाँ स्थित कण्वाश्रम और तारा कुंड जैसे स्थान भी पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करने में पूर्णता सक्षम है। गढ़वाल मण्डल का अभिन्न अंग कहे जाने वाले पौड़ी गढ़वाल में कई धार्मिक स्थल स्थित है, जिनमे कोटेश्वर महादेव मंदिर, बिनसर महादेव, तारकेश्वर महादेव मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, और माँ काली को समर्पित प्रसिद्ध प्रमुख है। यहाँ स्थित नीलकंठ मंदिर में हर साल लाखो शिव भक्त शिवलिंग में जल अर्पित करने आते है।
गढ़वाल क्षेत्र की असली अनुभूति यहाँ मनाए जाने वाले मेले और त्यौहार में भरपूर दिखाई देती है, जहाँ स्थानीय लोग अपनी पारम्परिक वेशभूषा में लोक नृत्य प्रस्तुत करते हुए दिखते है। मकर सक्रांति के दौरान मनाये जाने वाला गिंदी मेला एवं वैकुण्ठ चतुर्दशी और कार्तिक पूर्णिमा में लगने वाला बिनसर मेला काफी एहम है। धार्मिक और प्राकृतिक महत्ता के अलावा इस क्षेत्र ने भारत को कई प्रसिद्ध हस्तिया भी दी है, जिनमे भारत के पहले सीडीएस रहे दिवंगत बिपिन रावत जी और भारत की सुरक्षा में एहम योगदान निभाने वाले एनएसए अजित डोवाल प्रमुख है। इसके अलावा पौड़ी ने राज्य को कई मुख्यमंत्री भी प्रदान किये है, वही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पैतृक गांव भी पौड़ी में ही है।
पौढ़ी गढ़वाल में आपको घूमने के लिए काफी जगह मिल जाएगी जो आपके मन को मनमोहक बना देगी उत्तराखण्ड के चारधाम की रक्षा करने वाली धारी देवी जिसका अलकनंदा की पवित्र नदी के बीचो बीच बना यह मंदिर बहुत खास है जो यात्री चारधाम की यात्रा करता है यहाँ दर्शन करने जरूर आता है इस मंदिर में आपको इसके चारो तरफ छोटी छोटी घंटियाँ भी लगाई गई है जिससे इनकी मधुर ध्वनि आपको एक सकारत्मकता का महसूस कराती है यह मंदिर श्रीनगर में पड़ता है यहाँ पर दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते रहते है और अगर आपको बर्फ का लुप्त उठाना है तो आप लैंसडोन और पौढ़ी शहर में जा सकते हो
यहाँ आपको जनवरी फरवरी के महीने में घूमने आ सकते है और दूसरा कोटद्वार में स्थित सिद्धबली मंदिर उत्तरखण्ड का काफी प्रचलित मंदिरो में से एक माना जाता है इस मंदिर की भी बहुत मान्यता मानी जाती है यहाँ हर दिन भण्डारे का आयोजन किया जाता है श्रधालु यहाँ पर आपको काफी तागाद में देखने को मिलेंगे यह मंदिर हनुमानजी जो समर्पित है और प्रकृति के विहंगम नज़ारे आपके मन को मत्रमुग्द बना देगी
पौढ़ी गढ़वाल में आप कभी भी घूमने आ सकते है मानसून में भी आप यहाँ घूम सकते है कुछ स्थानों को छोड़ कर यहाँ पर आप रेलवे स्टेशन हरिद्वार ,हवाई जहाज (एयरपोर्ट जॉलीग्रांट) जो पौढ़ी से मात्र 122 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ,बस मार्ग इन तीनो तरीको से आप आ सकते है यहाँ पहुँच कर आपको इन जगहों पर जाने के लिए आपको यहाँ से टैक्सी कार की सुविधा मिल जाएगी